Jeet Lo Har Shikhar
Book Details
PublisherPrabhat Prakashan
ISBN / ASIN9350484951
ISBN-139789350484951
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
जीत लो हर शिखर'जीत लो हर शिखर' à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• है, जिसमें अलग-अलग वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की आपबीती (जिनमें से कà¥à¤› पà¥à¤²à¤¿à¤¸ अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° के पीड़ित रहे हैं) का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ वरà¥à¤£à¤¨ है। इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤µà¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ से अपनी-अपनी कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ, हालाà¤à¤•ि उनमें से अनेक à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ हैं, जिनका अतीत संदिगà¥à¤§ रहा है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚, सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने यह बताने की हिमà¥à¤®à¤¤ जà¥à¤Ÿà¤¾à¤ˆ कि उनके जीवन में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ गलत हà¥à¤† और अपनी दà¥à¤°à¥à¤¦à¤¶à¤¾ के लिठकिस हद तक वे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ मानते हैं तथा किस हद तक उन परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को, जिन पर उनका कोई वश नहीं था।पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लोगों की असल जिंदगी, उनकी जबानी सà¥à¤¨à¥‡ दिल दहलानेवाले अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ का वरà¥à¤£à¤¨ है, जिनमें शामिल हैं-घरेलू हिंसा और पà¥à¤²à¤¿à¤¸ अतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤° के मारे, डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ लेने के आदी, अपराधी और बाल-अपराधी। समाज-सà¥à¤§à¤¾à¤° का पथ-पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ करती मरà¥à¤®à¤¸à¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥€ जीवन-कथाओं का पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• संकलन।


