काम कला के à¤à¥‡à¤¦ (Kaam Kala Ke Bhed)
Book Details
PublisherRajpal & Sons
ISBN / ASIN9350642212
ISBN-139789350642214
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
वैशाली की नागर वधॠ, वयम रकà¥à¤·à¤¾à¤®à¤ƒ, सोमनाथ, धरà¥à¤®à¤ªà¥à¤¤à¥à¤°,और सोना और खून जैसी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों के लेखक आचारà¥à¤¯ चतà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ हिनà¥à¤¦à¥€ के लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ साहितà¥à¤¯à¤•ार होने के साथ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के 'आचारà¥à¤¯' थे । उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ और कहानियों के अतिरिकà¥à¤¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और यौन संबंधों पर à¤à¥€ अनेक पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें लिखीं । उनका मानना था कि यौन संबंधी सà¥à¤– ही दांपतà¥à¤¯ की धà¥à¤°à¥€ है । इसीलिठइस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यौन-संबनà¥à¤§à¥‹à¤‚ के विविध पहलà¥à¤“ं पर विशद जानकारी दी है, और साथ ही अलग-अलग देशों में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ धारणाओं, कà¥à¤‚ठाओं पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डाला है । सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ और पà¥à¤°à¥à¤· की शारीरिक संरचनाओं और सहवास की सही विधि पर पाठक को विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ और सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ जानकारी मिलेगी इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में । साथ ही योन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को दूर करने के लिठअनेक उपाय और उपचार दिठहैं । हर यà¥à¤µà¤¾ के लिठà¤à¤• अतà¥à¤¯à¤‚त उपयोगी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• है l
