मृग तृष्णा Buy on Amazon
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मृग तृष्णा

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Book Details
Publisher Book Rivers
ISBN / ASIN 9388727320
ISBN-13 9789388727327
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Marketplace India 🇮🇳
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Description
'मृग तृष्णा' पुस्तक समाज के विभिन्न पहलुओं पर मार्मिक कविताओं का संकलन है| प्रत्येक कविता दिल को छू लेने वाली है| 'आजाद हो गए मोती' में कैसे संयुक्त परिवार का बिखराव हुआ और आज सब क्या महसूस करते हैं इसका बहुत भावुक वर्णन है| 'रिश्तों की हवेली' में पहले रिश्ते कितने संजीदा होते थे उसका भावुक वर्णन किया है| 'मृग तृष्णा' कविता में दर्शाया है की इंसान जीवन भर अपनी इच्छाओं के पीछे भागता रहता है,उसके पीछे बहुत कुछ खो देता है मगर फिर भी अंतिम क्षण तक वो अपनी इच्छाओं से पार नहीं पा सकता | अन्य कविताएं मसलन 'रिश्तों में जमी बर्फ', 'शब्द की गाथा', 'याद', 'खुशियों का झरना' एवं 'कहो तो चले अब' दिल को अंदर तक झझकोरने वाली है| सैनिकों के सम्मान में भी कुछ कविताएं है | 'मंजर शहीद के घर का' देश के सैनिकों एवं उनके परिवार पर बहुत भावुक, मार्मिक एवं दिल को छू लेने वाली कविता है| पुस्तक की सभी 50 कविताऐं सामाजिक,पारिवारिक एवं देश के सैनिकों पर मार्मिक, भावुक एवं आम आदमी की जिंदगी का प्रतिबिम्ब है | लेखक का परिचय लेखक की एक सामाजिक प्रेरणा की कविता पुस्तक 'सफर रिश्तों का' अमेज़न पर उपलब्ध है| रंगमंच प्रकाशन की साझा संकलन-I में कविताएं प्रकशित हो चुकी है| विंग वर्ड राष्ट्रीय स्तर की कविता प्रतियोगिता में सर्टिफिकेट ऑफ़ मेरिट का अवार्ड प्राप्त किया है| अनेक रचनाएं विभिन्न पत्रिकाओं में छप चुकी हैं| लेखक की कुछ और पुस्तकें शीघ्र प्रकाशित होने जा रही है| प्रहलाद नारायण माथुर pnmathur15@gmail.com
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