परशà¥à¤°à¤¾à¤® संवाद (Hindi Rligious): Parashuram Samvad (Hindi Rligious)
Book Details
PublisherRamayanam Trust
ISBN / ASINB00JCBQXJ0
ISBN-13978B00JCBQXJ2
Sales Rank809,980
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
आजकल रामलीला में लोगों को लकà¥à¤·à¥à¤®à¤£-परशà¥à¤°à¤¾à¤® तथा अंगद-रावण संवाद अधिक रोचक पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता है जिसमें अधिक à¤à¥€à¤¡à¤¼ होती है। जिस दिन à¤à¤—ड़े की बात हो, तू-तू, मैं-मैं हो, उस दिन लोगों को अधिक रस की अनà¥à¤à¥‚ति होती है। बहिरंग दृषà¥à¤Ÿà¤¿ यही है, पर ‘रामायण’ में ये दोनों पà¥à¤°à¤¸à¤‚ग गमà¥à¤à¥€à¤° हैं। दोनों पà¥à¤°à¤¸à¤‚ग à¤à¤•-दूसरे के पूरक हैं। उस सूतà¥à¤° पर आप दृषà¥à¤Ÿà¤¿ डालिà¤, जिस संदरà¥à¤ में ये दोनों संवाद हà¥à¤ हैं। धनà¥à¤· टूटने पर परशà¥à¤°à¤¾à¤® आते हैं और उनके गà¥à¤°à¥ शंकरजी के धनà¥à¤· टूटने पर बड़ा कà¥à¤°à¥‹à¤§ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करतॠहैं और लकà¥à¤·à¥à¤®à¤£à¤œà¥€ से संवाद होता है। कहना तो यह चाहिठकि यह राम-राम संवाद है।
