à¤à¥€à¤·à¥à¤® साहनी की कहानियाà¤-3 (Hindi Stories): Bhishm Sahani Ki Kahania-3 (Hindi Stories)
Book Details
Author(s)à¤à¥€à¤·à¥à¤® साहनी
PublisherBhartiya Sahitya Inc.
ISBN / ASINB00JTG27AW
ISBN-13978B00JTG27A9
Sales Rank1,432,524
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• हिनà¥à¤¦à¥€ कहानी के सफर में à¤à¥€à¤·à¥à¤® साहनी à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ नाम है। उनकी सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¿à¤¯ कहानियों के इस संकलन में जीवन और समाज से गहरे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया गया है। इनमें से अनेक कहानियाठबेहद चरà¥à¤šà¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ हैं। ‘आधà¥à¤¨à¤¿à¤•ता-बोध की जिस कसौटी पर कहानी को परखा जाने लगा है उससे मैं सहमत नहीं हूं। जहां कहानी जीवन से साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार कराती है, उसके à¤à¥€à¤¤à¤° पाये जाने वाले अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤µà¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥‹à¤‚ से साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥ कराती है, वहां वह अपने आप ही समय और यà¥à¤— का बोध à¤à¥€ कराती है। पर यदि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• ‘à¤à¤¾à¤µ-बोध’ को साहितà¥à¤¯ का विशिषà¥à¤Ÿ गà¥à¤£ मान लिया जाये तो हम दिगà¥à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ ही होंगे। यदि कहानी में अवसाद है, मूलà¥à¤¯à¤¹à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ का à¤à¤¾à¤µ है, अनासà¥à¤¥à¤¾ है तो वह कहानी आधà¥à¤¨à¤¿à¤•, और…चूंकि आधà¥à¤¨à¤¿à¤• है, इसलिठउतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ है, इस पà¥à¤°à¤•ार का तरà¥à¤• मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करता। अपना à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ ढोते हà¥à¤ इंसान का चितà¥à¤° आधà¥à¤¨à¤¿à¤• है, पर अपने à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से जूà¤à¤¤à¥‡ हà¥à¤ इंसान का चितà¥à¤° असंगत है, अनासà¥à¤¥à¤¾ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• है, आसà¥à¤¥à¤¾ असंगत है, मृतà¥à¤¯à¥à¤¬à¥‹à¤§ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• है, जीवन-बोध असंगत और निररà¥à¤¥à¤• है, इस पà¥à¤°à¤•ार के तरà¥à¤• के आधार पर साहितà¥à¤¯ को परखना और उसके गà¥à¤£-दोष निकालना जिनà¥à¤¦à¤—ी को à¤à¥€ और साहितà¥à¤¯ को à¤à¥€ टेढ़े शीशे में से देखने की कोशिश है।’
