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Ajneya Rachna Sagar (Hindi Edition)

Author Ajneya
Publisher Prabhat Prakashan
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Book Details
Author(s)Ajneya
ISBN / ASIN9350480433
ISBN-139789350480434
AvailabilityUsually ships in 1-2 business days
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸

Description

अज्ञेय रचना सागरसच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के सृजन और चिंतन से संपन्न यह संचयन उनके सृजन के प्रति नई उत्सुकता और जिज्ञासा जगाने का प्रयत्‍न है। साहित्य की शायद ही कोई विधा हो, जिसमें कविवर रवींद्रनाथ टैगोर की तरह अज्ञेय ने नए रचना-प्रयोगों से नए प्रतिमान स्थापित न किए हों। हिंदी में उनसे पहले और उनके बाद ऐसा कोई साहित्यकार नहीं है, जिसने इतनी सारी विधाओं में इस ढंग की अगुआई की हो। भारतीय साहित्य में अज्ञेयजी अपने समय के साहित्य-नायक रहे हैं और विद्रोही स्वभाव के स्वामी होने के कारण भाषा, साहित्य, पत्रकारिता एवं संस्कृति के संबंध में पारंपरिक अवधारणाओं को ध्वंस करते हुए उन्होंने नए चिंतन की नींव रखी। हिंदी साहित्य में किसी विचारक ने साहित्य संबंधी इतनी बहसें नहीं उठाईं जितनी अज्ञेय ने।