विपà¥à¤² लाठका रहसà¥à¤¯ (Hindi Self-help): Vipul Labh Ka Rahasya (Hindi Self-help)
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Book Details
PublisherBhartiya Sahitya Inc.
ISBN / ASINB00JCTZMT4
ISBN-13978B00JCTZMT2
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description ▲
आज जो समाज की बीमार मानसिकता तथा शासन में वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¹à¥€à¤¨à¤¤à¤¾ के कारण आपके सामने विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ हैं, उनका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त आधार पर कोई उतà¥à¤¤à¤° नहीं है। यह à¤à¤• बिडंबना है कि जहाठदूसरे सà¤à¥€ देशों में जनता अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¹à¥€à¤¨ होती है जिसके कारण समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती हैं, और वहाठकी सरकार इस की शिकायत करती हैं। लेकिन हमारे देश में तो लगता है कि राजà¥à¤¯ करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ ही अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¹à¥€à¤¨ हैं। वे à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ हैं, अयोगà¥à¤¯ हैं, उनमें नैतिकता का अà¤à¤¾à¤µ है। उनमें दूरदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾ नहीं है, जिसके कारण इतनी समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ खड़ी हो गई हो जहाठपर à¤à¥€ मैं जाता हूठशिकायतों की à¤à¤°à¤®à¤¾à¤° मिलती है। उनका हल ढूंढा जा सकता है, और बह हल आप दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही ढूà¤à¤¢à¤¾ जाना है।