आतà¥à¤®à¤¦à¤¾à¤¨ (Hindi Novel): Aatmadan (Hindi Novel)
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Book Details
PublisherBhartiya Sahitya Inc.
ISBN / ASINB00L9ERLH6
ISBN-13978B00L9ERLH5
Sales Rank1,989,269
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description ▲
हरà¥à¤· ने राजà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ को यà¥à¤¦à¥à¤§ के लिठजाते हà¥à¤ देखा था : वह रूप ही जैसे कोई और था। अटà¥à¤ ारह वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का वय। लमà¥à¤¬à¤¾-ऊà¤à¤šà¤¾, कवच-रकà¥à¤·à¤¿à¤¤ की आà¤à¤¾; और उन सब पर छाया हà¥à¤† अमदनीय आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸! और अब दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के पशà¥à¤šà¤šà¤¾à¤¤ लौट रहे हैं राजà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨-हूण-यà¥à¤¦à¥à¤§ के अनेक छत लिà¤, घायल शरीर। घावों पर बà¤à¤§à¥€ हà¥à¤ˆ लमà¥à¤¬à¥€-लमà¥à¤¬à¥€ सफेद पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤à¥¤ यà¥à¤¦à¥à¤§ की कठोरता, घावों की पीड़ा यातà¥à¤°à¤¾ की थकान और पिता की मृतà¥à¤¯à¥ की सूचना की यातना ने राजà¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨ का रूप ही बदल दिया था। न मà¥à¤– पर तेज था, न आà¤à¤–ों में चमक। आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ और उलà¥à¤²à¤¾à¤¸ जैसे मिट गया था। मà¥à¤– पर à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की उदासीनता थी और दीनता à¤à¥€à¥¤ शरीर दà¥à¤¬à¤²à¤¾ हो गया था। सिर पर चूड़ामणि और शेखर à¤à¥€ नहीं थे। कानों में इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¨à¥€à¤²à¤¿à¤•ा के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर पवितà¥à¤°à¥€ पड़ी हà¥à¤ˆ थी। बहà¥à¤¤ दिनों के रोगी जैसे लग रहे थे à¤à¥ˆà¤¯à¤¾! चःतà¥à¤¶à¤¾à¤² में वतरà¥à¤¦à¤¿à¤•ा पर रखे आसन पर बैठथे-खिनà¥à¤¨ और उदास!