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Krishnachand ki or (Novel based on childhood of Abdurrahim Khankhana): कृष्णचंद की ओर (अब्दुर्रहीम खानखाना के बाल्यकाल पर आधारित उपन्यास) (Hindi

Author Dr. Mohan Lal Gupta
Publisher Shubhda Prakashan
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Book Details
ISBN / ASINB00XG2UWG6
ISBN-13978B00XG2UWG0
Sales Rank1,224,240
MarketplaceUnited States 🇺🇸

Description

खानखाना अब्दुर्रहीम अथवा रहीम, अकबर के प्रधान सेनापति एवं संरक्षक बैरामखां का पुत्र था। जिस समय बैरामखां की हत्या हुई, रहीम केवल पांच साल का था। अकबर ने बैरामखां की दो बेवा बेगमों से विवाह कर लिया तो रहीम भी फतहपुर सीकरी के महलों में आ गया और वहीं उसका पालन-पोषण हुआ। इस दौरान उसका सम्पर्क अकबर के राजस्व मंत्री राजा टोडरमल तथा अकबर की कच्छवाही रानी हीराबाई से हुआ। ये दोनों कृष्णभक्त थे। यहीं से रहीम के हृदय में श्रीकृष्ण भक्ति का अंकुर फूटा। सौभाग्य से उस समय देश में भक्ति आंदोलन अपने चरम पर था। इस कारण यह अंकुर शीघ्र ही विशाल वृक्ष में बदल गया। सूरदास, गुसाईं विट्ठलनाथ, रसखान, गोस्वामी तुलसीदास आदि नाना संतों से रहीम का प्रत्यक्ष सम्पर्क हुआ और वह भी श्रीकृष्ण का परम भक्त हो गया। इस उपन्यास में रहीम के बाल्यकाल से लेकर युवा होने तक की घटनाओं को स्थान दिया गया है। 220 पृष्ठ के इस रोचक उपन्यास को एक बार पढ़ना आरम्भ करने के बाद बीच में छोड़ देना अत्यंत कठिन है।