Meri Priya Kahaniyan - Pratibha Rai
Book Details
PublisherRajpal & Sons
ISBN / ASIN8170289874
ISBN-139788170289876
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ राय की गिनती à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अगà¥à¤°à¤£à¥€ लेखकों में होती है. अà¤à¥€ तक इनके सतà¥à¤°à¤¹ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸, आठयातà¥à¤°à¤¾-वृतांत और तीन सौ से अधिक कहानियाठपà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी है. लिखती यह अपनी मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ उड़िया में है, लेकिन इनकी कृतियाठकई à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ और विदेशी à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ में अनà¥à¤¦à¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ है जिन में से पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है 'दà¥à¤°à¥Œà¤ªà¤¦à¥€'. इनके लेखन में उस सामाजिक नà¥à¤¯à¤¾à¤¯ और विकास कि तलाश रहती है जिस में धरà¥à¤®, पà¥à¤°à¤¾à¤‚त, à¤à¤¾à¤·à¤¾ का कोई à¤à¥‡à¤¦à¤à¤¾à¤µ नहीं और पà¥à¤°à¥à¤·-सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ दोनों का समान दरà¥à¤œà¤¾ है. इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उन बारह कहानिओं को चà¥à¤¨à¤¾ है जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशेष पà¥à¤°à¤¿à¤¯ है.
