Chanakya
Book Details
Author(s)Pran Nath Vanprasthi
PublisherRajpal & Sons
ISBN / ASIN8174830499
ISBN-139788174830494
Sales Rank9,793,837
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में 'अरà¥à¤¥à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° ', 'नीतिशासà¥à¤¤à¥à¤° ' तथा 'चाणकà¥à¤¯à¤¨à¥€à¤¤à¤¿' जैसे महान गà¥à¤°à¤‚थो के रचयिता चाणकà¥à¤¯ कि असाधारण गाथा को यहाठआकरà¥à¤·à¤• चितà¥à¤°à¥‹ सहित पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया गया है। चाणकà¥à¤¯ समà¥à¤°à¤¾à¤Ÿ चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ को दिठजाने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ में थोडा सा विष मिला कर दिया करते थे ताकि समà¥à¤°à¤¾à¤Ÿ चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤—à¥à¤ªà¥à¤¤ में अपने छिपे शतà¥à¤°à¥à¤“ से बचाव हेतॠपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ होती रहे। उनके विषय में यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पृषà¥à¤ पलटने पर आपको मनोंरजक जानकारिया पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगी।
