Khatre Mein Bharat
Book Details
Author(s)Jaswant Singh
PublisherRajpal & Sons
ISBN / ASIN9350641968
ISBN-139789350641965
Sales Rank4,679,502
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
Raj949 आज़ादी के छियासठसालों के अनà¥à¤à¤µ का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ हमें बताता है की à¤à¤¾à¤°à¤¤ अपनी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ की राह में मिलाने वाली बाहरी और आतंरिक चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना समà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से करने में नाकाम रहा है। जहां चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का दायरा काफी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• और विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ रहा है , वहीं उसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में हमारी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ लगातार सिमित रही है। इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में जसवंत सिंह सवाल उठाते है की à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ?' कà¥à¤¯à¤¾ वैचारिक à¤à¥‚पटल में à¤à¥à¤°à¤‚श या शासन वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में निहित दोषों के कारन यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनई है ? उनका मानना है की उन दोनों को मिलाकर ही उनके सवाल का जवाब पूरा होता है। इस बात को पà¥à¤·à¥à¤Ÿ करने के लिठही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ ने पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• में सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द रकà¥à¤·à¤¾ नीति और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का लकà¥à¤·à¥à¤¯ हासिल करने में मिलाने वाली चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हल करने की दिशा में उठाये गठकदम और की गई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं की विवेचना की है।










