पुस्तक को अत्यन्त सरल भाषा में इस वैज्ञानिक ढंग से लिखा गया है कि विद्यार्थियों को वित्तीय लेखांकन जैसे क्लिष्ट विषय के समझने में कठिनाई अनुभव न हो। उदाहरणों, जो हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों भाषा में हैं, को इस क्रम से रखा गया है कि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें। प्रत्येक अध्याय के अन्त में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रश्नों को उनके हल करने के लिए संकेत तथा उत्तर सहित, सम्मिलित किया गया है। पुस्तक के प्रस्तुत संस्करण की मुख्य विशेषता यह कि अध्याय 'दिवाला सम्बन्धी लेखे' (Insolvency Accounts) को दिवला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (Insolvency and Bankruptcy Code 2016) के अनुसार पूर्णतः संशोधित किया गया है। इन्स्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड एकाउण्टैण्ट्स आॅफ इण्डिया द्वारा निर्गत सभी लेखांकन प्रमाप (Accounting Standards) पुस्तक में नए संशोधनों सहित सम्मिलित करके पुस्तक को पूर्णतः अद्यतन बनाया गया है। पुस्तक की अद्वितीय विशेषता यह है कि सभी अध्यायों में अन्तिम खाते 31 मार्च को बन्द किए गए हैं। जिन अध्यायों में कम्पनी से सम्बन्धित अन्तिम खाते हैं, उन्हें कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुरूप बनाया गया है। पुस्तक के सभी अध्यायों को पूर्णतः नए सिरे से लिखा गया है। यह संस्करण पूर्णतः नए सिर से लिखा गया है। प्रत्येक अध्याय में विभित्र विश्वविद्यालयों के पिछले 10 वर्षों के परीक्षा प्रश्नों को Illustrations और अभ्यास हेतु प्रश्नों के रूप में सम्मिलित किया गया है। पिछले संस्करण की अपेक्षा इस संस्करण में उदाहरणों (Illustrations) तथा अभ्यास हेतु प्रश्नों की संख्या में वृद्धि की गई है।