à¤à¤—वदगीता के अनमोल मोती (BHAGVADGITA KE ANMOL MOTI)
Book Details
PublisherPrabhat Prakashan
ISBN / ASIN9380823843
ISBN-139789380823843
MarketplaceFrance 🇫🇷
Description
संसार के समसà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ सà¥à¤– और सफलता की खोज में वà¥à¤¯à¤¾à¤•à¥à¤² हैं। वे सोचते हैं कि हम कà¥à¤› à¤à¥€ कर लें, परंतॠसà¥à¤– और सफलता नहीं मिलती। साथ ही, सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¥€ आवागमन के कà¥à¤šà¤•à¥à¤° से सदा के लिठछà¥à¤Ÿà¤•ारा चाहते हैं। मनà¥à¤·à¥à¤¯ की इन दोनों महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•ांकà¥à¤·à¤¾à¤“ं की पूरà¥à¤¤à¤¿ के मारà¥à¤— à¤à¤—वदà¥à¤—ीता में निहित हैं। 'गीता' à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ धरà¥à¤®à¤—à¥à¤°à¤‚थ है।
