कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिनायक बिपीन चंदà¥à¤° पाल (KRANTINAYAK BIPIN CHANDRA PAL)
Book Details
PublisherGranth Akademi
ISBN / ASIN9381063591
ISBN-139789381063590
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन की नींव तैयार करने में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥€ लाल-बाल-पाल की तिकड़ी में से à¤à¤• बिपिनचंदà¥à¤° पाल राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ नेता होने के साथ-साथ शिकà¥à¤·à¤•, पतà¥à¤°à¤•ार, लेखक और à¤à¤• पà¥à¤°à¤–र वकà¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ थे। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कà¥à¤°à¤¾à¤‚तिकारी विचारों का जनक माना जाता है। लाल-बाल-पाल की इस तिकड़ी ने सनॠ1905 में बंगाल-विà¤à¤¾à¤œà¤¨ के विरोध में बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¶ शासन के खिलाफ जबरदसà¥à¤¤ आंदोलन किया। सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन के दौरान महरà¥à¤·à¤¿ अरविंद के खिलाफ गवाही देने से इनकार करने पर बिपिनचंदà¥à¤° पाल को छह महीने की सजा हà¥à¤ˆà¥¤ जीवन à¤à¤° राषà¥à¤Ÿà¥à¤°-हित के लिठकाम करनेवाले बिपिनचंदà¥à¤° पाल 20 मई, 1932 को à¤à¤¾à¤°à¤¤ माठके चरणों में अपना सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µ तà¥à¤¯à¤¾à¤—कर परलोक सिधार गà¤à¥¤
