Apprenticed to a Himalayan Master: A Yogi's Autobiography (Hindi) (Hindi Edition) Buy on Amazon
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Apprenticed to a Himalayan Master: A Yogi's Autobiography (Hindi) (Hindi Edition)

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Book Details
Author(s) Sri M
ISBN / ASIN B00E7Q75UG
ISBN-13 978B00E7Q75U5
Marketplace France 🇫🇷
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Description
Language: Hindi

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श्री एम का जन्म केरल के त्रिवेंद्रम में हुआ था. हिमालय जाने के एक अनोखे और अत्यंत सम्मोहक आवेग से वशीभूत साढ़े-उन्नीस साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया.

हिमालय में बद्रीनाथ से आगे व्यास गुफा में वे अपने गुरु से मिले और उनके साथ हिम्माच्च्दित हिमालय प्रांत में दूर-दूर तक स्वच्छंद घूमते हुए साढ़े तीन साल बिठाये. उन्होंने अपने गुरु श्री महेश्वरनाथ बाबाजी से जो सीखा उसने उनकी चेतना को संपूर्णतया परिवर्तित कर दिया.

मैदानी क्षेत्र में वापस आ कर गुरु आज्ञानुसार उन्होंने एक साधारण व्यक्ति का जीवन व्यतीत किया एवं जीविकोपार्जन के लिए कर्म करते हुए, सामजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए, तथा उन्होंने जो सीखा था और जो अनुभव किया था उस को दूसरों को सिखाने की तैयारी करते हुए. गुरु से हरी झंडी मिलाने के बाद उन्होंने अपने जीवन के शिक्षण चरण में प्रवेश किया. आज वे अपने अनुभवों औद ज्ञान को बांटने के लिए दुनिया भर की यात्रा करते हैं.

सभी प्रमुख धर्मों की शिक्षाओं में सामान रूपेण गति रखने वाले श्री एम बहुधा कहतें हैं कि, "मर्म को समझना है, केवल सिद्धांतों से काम नहीं चलता". श्री एम विवाहित हैं और उनके दो बच्चे हैं. उदबोधन करते हुए वे एक सादा जीवन व्यतीत करते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कर्ष को बढ़ावा देने वाले दी सत्संग फ़ौंडेशन नामक न्यास के अध्यक्ष हैं. आजकल वे मदनपल्ली, आंध्र प्रदेश में रहते हैं जो बेंगलुरु से तीन घंटे की दूरी पर है.
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