कमलेशà¥à¤µà¤° की कहानियाà¤-3 (Hindi Stories): Kamleshwar Ki Kahania-3 (Hindi Stories)
Book Details
Author(s)कमलेशà¥à¤µà¤°, Kamleshwar
PublisherBhartiya Sahitya Inc.
ISBN / ASINB00JTG8SXW
ISBN-13978B00JTG8SX8
Sales Rank461,946
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
कहानियाठमेरे लिठमूलतः ‘असहमति’ का माधà¥à¤¯à¤® हैं। इस असहमति के सà¥à¤¤à¤° और कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° कà¥à¤¯à¤¾ रहे हैं, यह कहानियाठखà¥à¤¦ ही बता देंगी। जब से अपने चारों तरफ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की ओर देखना शà¥à¤°à¥‚ किया तो पाया, कहीं कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं बदल रहा था, इसलिठमà¥à¤à¥‡ बदलना पड़ा। मà¥à¤à¥‡ मेरे चारों ओर के कटॠयथारà¥à¤¥ ने बदल दिया। दसवाठपास करते-करते कà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿à¤•ारी समाजवादी पारà¥à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¤—ाढ़ समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में आया, मारà¥à¤•à¥à¤¸à¤µà¤¾à¤¦ की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पाठशाला में शामिल हà¥à¤† और ‘जनकà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¤¿â€™ में शहीदों के जीवन-चरितà¥à¤° पर छोटे-छोटे लेख लिखने शà¥à¤°à¥‚ किà¤â€”वहीं से शायद लेखन की विधिवतॠदीकà¥à¤·à¤¾ मिली, और फिर उसी में अपने निरà¥à¤£à¤¯ जà¥à¤¡à¤¼à¤¤à¥‡ गà¤à¥¤ यही कहानियाà¤, ‘निरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ का परà¥à¤¯à¤¾à¤¯â€™ बनती गईं। मेरे लिठमेरी कहानियाठसमय की धà¥à¤°à¥€ पर घूमती सामानà¥à¤¯ सचà¥à¤šà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ और पकà¥à¤· में लिठगठनिरà¥à¤£à¤¯à¥‹à¤‚ की कहानियाठहैं। कहानी यदि लेखक का ‘निरà¥à¤£à¤¯â€™ नहीं है, तो कà¥à¤¯à¤¾ है?
