Lauhpurush Sardar Vallabhbhai Patel (Hindi)
Book Details
Author(s)Sushil Kapoor
PublisherPrabhat Prakashan
ISBN / ASINB00MTXK0S8
ISBN-13978B00MTXK0S2
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
लौह पà¥à¤°à¥à¤· सरदार वलà¥à¤²à¤à¤à¤¾à¤ˆ पटेल का जनà¥à¤® नडियाद, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ में हà¥à¤†à¥¤ उनकी शिकà¥à¤·à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ से ही हà¥à¤ˆà¥¤ लंदन जाकर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बैरिसà¥à¤Ÿà¤° की पढ़ाई पूरी की और वापस आकर गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के अहमदाबाद में वकालत करने लगे। महातà¥à¤®à¤¾ गांधी के विचारों से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होकर वे à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन से पूरी तरह जà¥à¤¡à¤¼ गà¤à¥¤
सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशकà¥â€à¤¤ सतà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ करने के लिठही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का सà¤à¤¾à¤ªà¤¤à¤¿ बनने का गौरव पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ आजादी के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राजनीतिक à¤à¤•ीकरण में उनके महानॠयोगदान के लिठइतिहास उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सदैव सà¥à¤®à¤°à¤£ रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पà¥à¤°à¥à¤·â€™ कहलाà¤à¥¤
सरदार पटेल सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ के उप-पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ होने के साथ पà¥à¤°à¤¥à¤® गृह, सूचना तथा रियासत विà¤à¤¾à¤— के मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संघ में विलय करना। वे नवीन à¤à¤¾à¤°à¤¤ के निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾, राषà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤•ता के बेजोड़ शिलà¥à¤ªà¥€ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनमानस अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ किसान की आतà¥à¤®à¤¾ थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ और अदमà¥à¤¯ इचà¥à¤›à¤¾-शकà¥â€à¤¤à¤¿ के बल पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤• नई पहचान देनेवाले समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ इतिहास-पà¥à¤°à¥à¤· की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤¦ जीवनी।
सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ आंदोलन में सरदार पटेल का सबसे पहला और बड़ा योगदान खेड़ा आंदोलन में रहा। बारदोली में सशकà¥â€à¤¤ सतà¥à¤¯à¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ करने के लिठही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ‘सरदार’ कहा जाने लगा। सरदार पटेल को 1937 तक दो बार कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ का सà¤à¤¾à¤ªà¤¤à¤¿ बनने का गौरव पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ हà¥à¤†à¥¤ आजादी के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤ के राजनीतिक à¤à¤•ीकरण में उनके महानॠयोगदान के लिठइतिहास उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सदैव सà¥à¤®à¤°à¤£ रखेगा। अपनी दृढ़ता के कारण वे ‘लौह पà¥à¤°à¥à¤·â€™ कहलाà¤à¥¤
सरदार पटेल सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ के उप-पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ होने के साथ पà¥à¤°à¤¥à¤® गृह, सूचना तथा रियासत विà¤à¤¾à¤— के मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ थे। उनकी महानतम देन है 562 छोटी-बड़ी रियासतों का à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संघ में विलय करना। वे नवीन à¤à¤¾à¤°à¤¤ के निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾, राषà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤•ता के बेजोड़ शिलà¥à¤ªà¥€ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनमानस अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ किसान की आतà¥à¤®à¤¾ थे। अपने रणनीतिक कौशल, राजनीतिक दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ और अदमà¥à¤¯ इचà¥à¤›à¤¾-शकà¥â€à¤¤à¤¿ के बल पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤• नई पहचान देनेवाले समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ इतिहास-पà¥à¤°à¥à¤· की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤¦ जीवनी।

