Jharkhand Andolan Ka Dastavej: Shoshan, Sangharsh Aur Shahadat (Hindi)
Book Details
Author(s)Anuj Kumar Sinha
PublisherPrabhat Prakashan
ISBN / ASINB00MTZPT9Q
ISBN-13978B00MTZPT95
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
à¤à¤¾à¤°à¤–ंड अलग राजà¥à¤¯ सà¤à¥€ का à¤à¤• सपना था। à¤à¤• खाका तैयार था कि कैसा होगा अपना à¤à¤¾à¤°à¤–ंड।
लेकिन यह कैसे असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में आया इसके लिठकिस-किसने जान दी। कितने लोग, कहाà¤-कहाठमारे गà¤, कहाà¤-कहाठजà¥à¤²à¥à¤® à¤à¥‡à¤²à¥‡ गà¤à¥¤ इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को लिखने का मकसद था कि आनेवाली पीढ़ी à¤à¤¾à¤°à¤–ंड के लिठकà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ देनेवालों को जान सके, याद कर सके।
इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को मूलत: छह खंडों में बाà¤à¤Ÿà¤¾ गया है। पहले खंड में पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग या पà¥à¤²à¤¿à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मारे गठआंदोलनकारियों का जिकà¥à¤° है। दूसरे खंड में उन घटनाओं को शामिल किया गया है, जहाठआंदोलनकारी पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की गोली से नहीं मरे, बलà¥à¤•ि महाजनों-माफिया या दबंगों ने उनकी हतà¥à¤¯à¤¾ कर दी। तीसरे खंड में उन गैर-आदिवासी आंदोलनकारियों को शामिल किया गया है, जिनकी à¤à¤¾à¤°à¤–ंड आंदोलन में बहà¥à¤¤ बड़ी à¤à¥‚मिका रही है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आंदोलन को दिशा दी। चौथा खंड महिलाओं को समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ है। इसमें à¤à¤¾à¤°à¤–ंड आंदोलन में महिलाओं की à¤à¥‚मिका की चरà¥à¤šà¤¾ है।
पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के पाà¤à¤šà¤µà¥‡à¤‚ खंड में कà¥à¤› उन आंदोलनकारियों को à¤à¥€ शामिल किया गया है जिनकी मौत पà¥à¤²à¤¿à¤¸ या माफिया की गोली से नहीं हà¥à¤ˆ, बलà¥à¤•ि जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इलाज के अà¤à¤¾à¤µ में दम तोड़ा, जिनकी सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• या दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ में मौत हो गई, पर उनका आंदोलन में काफी योगदान था। इसमें उन आंदोलनकारियों को à¤à¥€ शामिल किया गया है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आंदोलन में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› खोया है। कà¥à¤› वैसे आंदोलनकारियों को à¤à¥€ श़ामिल किया गया है, जो अà¤à¥€ जीवित हैं, पर जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आंदोलन में हर पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¥‚मिका अदा की।
लेकिन यह कैसे असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ में आया इसके लिठकिस-किसने जान दी। कितने लोग, कहाà¤-कहाठमारे गà¤, कहाà¤-कहाठजà¥à¤²à¥à¤® à¤à¥‡à¤²à¥‡ गà¤à¥¤ इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• को लिखने का मकसद था कि आनेवाली पीढ़ी à¤à¤¾à¤°à¤–ंड के लिठकà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ देनेवालों को जान सके, याद कर सके।
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