Sahasrabadhani: Maithili Novel- The Comet
Book Details
Author(s)Gajendra Thakur
PublisherShruti Publication
ISBN / ASINB00PLWWORE
ISBN-13978B00PLWWOR2
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
समरà¥à¤ªà¤£
पिताक सतà¥à¤¯à¤•ेठलिबैत देखने रही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¤à¤¾à¤®à¥‡
तहिये बà¥à¤à¤¨à¥‡ रही जे
तà¥à¤¯à¤¾à¤— नहि कà¤à¤² होà¤à¤¤
रसà¥à¤¤à¤¾ ई अछि जे जिदियाहवला।
-पिताक पà¥à¤°à¤¿à¤¯-अपà¥à¤°à¤¿à¤¯ सà¤à¤Ÿà¤¾ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿à¤•ेठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤
आमà¥à¤–
गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤°à¤• सात खणà¥à¤¡à¤®à¥‡ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ कà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤®à¥ अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤®à¤¨à¤• मे à¤à¤•हि संग कठिनसठकठिन विषयपर सà¥à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤à¤¿à¤¤ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤ आ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤• जटिल कथा केर गà¥à¤¤à¥à¤¥à¥€ सेहो à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤ सà¥à¤²à¤à¤¾à¤à¤² आ संगहि पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤• कविता आ पà¥à¤°à¤•ृतिक गीत सेहो। सात खणà¥à¤¡ à¤à¤¹à¤¿ पà¥à¤°à¤•ार छनà¥à¤¹à¤¿-
खणà¥à¤¡-१ पà¥à¤°à¤¬à¤¨à¥à¤§-निबनà¥à¤§-समालोचना
खणà¥à¤¡-२ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸-(सहसà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¢à¤¼à¤¨à¤¿)
खणà¥à¤¡-३ पदà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹-(सहसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¥€à¤• चौपड़पर)
खणà¥à¤¡-४ कथा-गलà¥à¤ª संगà¥à¤°à¤¹ (गलà¥à¤ª गà¥à¤šà¥à¤›)
खणà¥à¤¡-५ नाटक-(संकरà¥à¤·à¤£)
खणà¥à¤¡-६ महाकावà¥à¤¯- (१. तà¥à¤µà¤žà¥à¤šà¤¾à¤¹à¤žà¥à¤š आ २. असञà¥à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ मन )
खणà¥à¤¡-ॠबालमंडली किशोर-जगत
सà¤à¤¸à¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात ई जे सठविषयक पाठकक आ पाठिकाक लेल à¤à¤¤à¤ किछॠने किछॠà¤à¥‡à¤Ÿà¤¬à¥‡ करत । पà¥à¤›à¤²à¤¿à¤¯à¤¨à¥à¤¹à¤¿ जे à¤à¤¹à¤¨ संरचना किà¤à¤• तठजे किछॠकहलनà¥à¤¹à¤¿ ताहिसठलागल जे ई हिनà¥à¤¦à¥€ केर तार-सपà¥à¤¤à¤• आ तमिलक कà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤®à¥ केर बीच मे कतहॠअपन जगह बनेबाक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कऽ रहल छथि । फराक à¤à¤¤à¤¬à¥‡ जे हिनà¥à¤¦à¥€ आ तमिल मे कà¤à¤• गोटे मिलि कठसंकलित à¤à¥‡à¤² छथि à¤à¤•टा जिलà¥à¤¦à¤®à¥‡, आ à¤à¤¤à¤ कà¤à¤• लेखकक दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विधा केर रचना नहि रहि हिनके अपन रचना पोथीमे उपलबà¥à¤§ कराओल गेल अछि ।
कतेको पंकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤°à¤¿à¤¸à¤• पाठकक मोनमे गà¥à¤°à¤‚थित-मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤½ जà¤à¤¤à¤¨à¥à¤¹à¤¿, जेना कि
“ढहैत à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤• देबाल
खामà¥à¤¹ अदृà¥à¤¤à¤¾à¤• ठाà¥
आकांकà¥à¤·à¤¾à¤• बखारी अछि à¤à¤°à¤²
पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बनि ठाà¥
घरमे राखल हिमाल-लकड़ीक मनà¥à¤¦à¤¿à¤° आकि
ओसारापर राखल तà¥à¤²à¤¸à¥€à¤• गाछ
पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• सहृदयताक मातà¥à¤°â€
अथवा , निमà¥à¤¨à¥‹à¤•à¥à¤¤ पंकà¥à¤¤à¤¿-येकेठलऽ लिअ :
“सà¥à¤¨à¥ˆà¤¤ शूनà¥à¤¯à¤• दृशà¥à¤¯
पà¥à¤°à¤•ृतिक कैनवासक
हहाइत समà¥à¤¦à¥à¤°à¤• चितà¥à¤°
अनà¥à¤¹à¤¾à¤° खोहक चितà¥à¤°à¤•लाक पातà¥à¤°à¤• शबà¥à¤¦
कà¥à¤¯à¥‹ देखत नहि हमर ई चितà¥à¤° अनà¥à¤¹à¤¾à¤° मे
तठसà¥à¤¨à¤¬à¥‹ तठकरत पातà¥à¤°à¤• आकांकà¥à¤·à¤¾à¤• सà¥à¤µà¤°â€
मिथिलेक नहि अपितॠà¤à¤¾à¤°à¤¤à¤• कतेको संसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ देखल जा सकैछ हिनक कथा-कवितामे। à¤à¤¹à¤¿à¤¸à¤ मैथिली कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रचनाक परिदृशà¥à¤¯ आर बà¥à¤¿ जाइछ, आ नव-नव चितà¥à¤°, धà¥à¤µà¤¨à¤¿ आ कथानक सामने आबि जाइत अछि ।
कवि कोन मनà¥à¤¦à¤¾à¤•िनी केर खोजमे छथि जे कहैत छथि-
“मनà¥à¤¦à¤¾à¤•िनी जे आकाश मधà¥à¤¯
देखल आइ पृथà¥à¤µà¥€à¤• ऊपर...â€
अपन विशाल à¤à¥à¤°à¤®à¤£à¤• छाप लगैछ रचनामे नीक जकाठपà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होइत अछि । आ आर à¤à¤•टा बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ अछि कोषकार गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤° आ रचनाकार गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤° à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छथि, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤®à¥‡ सेहो फराक... जतठकोशकारितामे समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•तà¥à¤µ तथा टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ –सठसमà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤• छाया à¤à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¤à¥‡ अछि, मà¥à¤¦à¤¾ सृजनक मà¥à¤¹à¥à¤°à¥à¤¤à¤®à¥‡ से सà¤à¤Ÿà¤¾ हेरा जाइत छथि ।
à¤à¤¹à¤¿à¤®à¥‡ सठकतेको टेकà¥à¤¸à¥à¤Ÿ ओ रखने छथि इनà¥à¤Ÿà¤°à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤®à¥‡ मैथिलीक बà¥à¥ˆà¤¤
पाठककेठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤®à¥‡ राखि, जेना कि विदेह-सदेह अछि http://videha123.wordpress.com/ मे, आ देवनागरी आ तिरहà¥à¤¤à¤¾ दà¥à¤¨à¥à¤¨à¥ लिपिमे । जे कà¥à¤¯à¥‹ मिथिलाकà¥à¤·à¤°à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ छथि तनिका सब लेखेठतठई विरल उपहारे रहत ।
अनेको रचनामे मातà¥à¤° गोल-मटोल कथे नहि, राजनीतिक à¤à¤¾à¤·à¥à¤¯ सेहो लखा दैत अछि। ताहिमे हिनका कोनो हिचकिचाहटि नहि छनà¥à¤¹à¤¿à¥¤ ओना देखल जाठतठकà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° क कतेको महारथी छलाह = पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वीर-योदà¥à¤§à¤¾ अपन-अपन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° आ विधाक पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ पारंगद वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छलाह,–कà¥à¤¯à¥‹ कतेको अकà¥à¤·à¥Œà¤¹à¤¿à¤£à¥€ सेनाक संचालनमे, तठकà¥à¤¯à¥‹ तीरनà¥à¤¦à¤¾à¤œà¥€à¤®à¥‡, आदि आदि । सठजनैत छलाह जे धरà¥à¤® आ अधरà¥à¤®à¤• à¤à¥‡à¤¦ की होइछ मà¥à¤¦à¤¾ तैयो सठकà¥à¤¯à¥‹ जेना आसनà¥à¤¨ विपरà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤• सामने निरà¥à¤ªà¤¾à¤¯ à¤à¤½ गेल छलाह। आजà¥à¤• सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤à¤®à¥‡ सेहो कथा मे तथा वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤®à¥‡ à¤à¤¹à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤• à¤à¤²à¤• देखल जाइत अछि । सैह à¤à¤¹à¤¿ महा-पाठ–क (मेटाटेकà¥à¤¸à¤Ÿ) खूबी कहब। नहि तठओ कियेक लिखताह- –
“देखैत देशवासीकेठपछाड़ैत
मंतà¥à¤°-तंतà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ दà¥à¤ªà¤¹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤®à¥‡ जागल
गà¥à¤¨à¤§à¥à¤¨à¥€ बला सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨
बनैत अछि सà¤à¤¸à¤ तीवà¥à¤° धावक
अखरहाक सà¤à¤¸à¤ फà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿à¤—र पहलमान
दमसाइत मालिकक सà¥à¤µà¤° तोड़ैत छैक ओकर à¤à¤•ानà¥à¤¤
कारिख चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ रातिक निनà¥à¤¨
टà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¤-अबैत-टà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¤ निनà¥à¤¨ आ सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨à¤• तारतमà¥à¤¯
...â€
à¤à¤¹à¤¿ महापाठकेठà¤à¤•टा à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ केर रूपमे देखी तठसेहो ठीक, आ सपà¥à¤¤à¤°à¥à¤·à¤¿-मंडलक निचोड़ अथवा सपà¥à¤¤-काणà¥à¤¡à¤®à¥‡ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• महा कावà¥à¤¯ रूपमे देखी तठसेहो ठीक हà¤à¤¤à¥¤ जेना पà¥à¥€, सामगà¥à¤°à¥€ à¤à¤¹à¤¿à¤®à¥‡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र अछि, à¤à¤°à¤¿à¤¸à¤• किछॠअतà¥à¤¯à¥à¤šà¥à¤š मानक लागत, आ किछॠकिनको ततà¥à¤¤à¥‡à¤• नहि पसिनà¥à¤¨ पड़तनà¥à¤¹à¤¿ । मà¥à¤¦à¤¾ à¤à¤¹à¤¿ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ निचयकेठपाठक अवशà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤—त करताह, आ नवीन लेखक वरà¥à¤—केठà¤à¤•टा नव दिशा सेहो à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤à¤¨à¥à¤¹à¤¿à¥¤
मैसूर, ९ जून २००९ उदय नारायण सिंह “नचिकेताâ€
निदेशक,
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, मैसूर
पिताक सतà¥à¤¯à¤•ेठलिबैत देखने रही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¤à¤¾à¤®à¥‡
तहिये बà¥à¤à¤¨à¥‡ रही जे
तà¥à¤¯à¤¾à¤— नहि कà¤à¤² होà¤à¤¤
रसà¥à¤¤à¤¾ ई अछि जे जिदियाहवला।
-पिताक पà¥à¤°à¤¿à¤¯-अपà¥à¤°à¤¿à¤¯ सà¤à¤Ÿà¤¾ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿à¤•ेठसमरà¥à¤ªà¤¿à¤¤
आमà¥à¤–
गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤°à¤• सात खणà¥à¤¡à¤®à¥‡ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ कà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤®à¥ अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤®à¤¨à¤• मे à¤à¤•हि संग कठिनसठकठिन विषयपर सà¥à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤à¤¿à¤¤ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤ आ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤• जटिल कथा केर गà¥à¤¤à¥à¤¥à¥€ सेहो à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤ सà¥à¤²à¤à¤¾à¤à¤² आ संगहि पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤• कविता आ पà¥à¤°à¤•ृतिक गीत सेहो। सात खणà¥à¤¡ à¤à¤¹à¤¿ पà¥à¤°à¤•ार छनà¥à¤¹à¤¿-
खणà¥à¤¡-१ पà¥à¤°à¤¬à¤¨à¥à¤§-निबनà¥à¤§-समालोचना
खणà¥à¤¡-२ उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸-(सहसà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¢à¤¼à¤¨à¤¿)
खणà¥à¤¡-३ पदà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹-(सहसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¬à¥à¤¦à¥€à¤• चौपड़पर)
खणà¥à¤¡-४ कथा-गलà¥à¤ª संगà¥à¤°à¤¹ (गलà¥à¤ª गà¥à¤šà¥à¤›)
खणà¥à¤¡-५ नाटक-(संकरà¥à¤·à¤£)
खणà¥à¤¡-६ महाकावà¥à¤¯- (१. तà¥à¤µà¤žà¥à¤šà¤¾à¤¹à¤žà¥à¤š आ २. असञà¥à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ मन )
खणà¥à¤¡-ॠबालमंडली किशोर-जगत
सà¤à¤¸à¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बात ई जे सठविषयक पाठकक आ पाठिकाक लेल à¤à¤¤à¤ किछॠने किछॠà¤à¥‡à¤Ÿà¤¬à¥‡ करत । पà¥à¤›à¤²à¤¿à¤¯à¤¨à¥à¤¹à¤¿ जे à¤à¤¹à¤¨ संरचना किà¤à¤• तठजे किछॠकहलनà¥à¤¹à¤¿ ताहिसठलागल जे ई हिनà¥à¤¦à¥€ केर तार-सपà¥à¤¤à¤• आ तमिलक कà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤®à¥ केर बीच मे कतहॠअपन जगह बनेबाक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कऽ रहल छथि । फराक à¤à¤¤à¤¬à¥‡ जे हिनà¥à¤¦à¥€ आ तमिल मे कà¤à¤• गोटे मिलि कठसंकलित à¤à¥‡à¤² छथि à¤à¤•टा जिलà¥à¤¦à¤®à¥‡, आ à¤à¤¤à¤ कà¤à¤• लेखकक दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विधा केर रचना नहि रहि हिनके अपन रचना पोथीमे उपलबà¥à¤§ कराओल गेल अछि ।
कतेको पंकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤°à¤¿à¤¸à¤• पाठकक मोनमे गà¥à¤°à¤‚थित-मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤½ जà¤à¤¤à¤¨à¥à¤¹à¤¿, जेना कि
“ढहैत à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤• देबाल
खामà¥à¤¹ अदृà¥à¤¤à¤¾à¤• ठाà¥
आकांकà¥à¤·à¤¾à¤• बखारी अछि à¤à¤°à¤²
पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बनि ठाà¥
घरमे राखल हिमाल-लकड़ीक मनà¥à¤¦à¤¿à¤° आकि
ओसारापर राखल तà¥à¤²à¤¸à¥€à¤• गाछ
पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• सहृदयताक मातà¥à¤°â€
अथवा , निमà¥à¤¨à¥‹à¤•à¥à¤¤ पंकà¥à¤¤à¤¿-येकेठलऽ लिअ :
“सà¥à¤¨à¥ˆà¤¤ शूनà¥à¤¯à¤• दृशà¥à¤¯
पà¥à¤°à¤•ृतिक कैनवासक
हहाइत समà¥à¤¦à¥à¤°à¤• चितà¥à¤°
अनà¥à¤¹à¤¾à¤° खोहक चितà¥à¤°à¤•लाक पातà¥à¤°à¤• शबà¥à¤¦
कà¥à¤¯à¥‹ देखत नहि हमर ई चितà¥à¤° अनà¥à¤¹à¤¾à¤° मे
तठसà¥à¤¨à¤¬à¥‹ तठकरत पातà¥à¤°à¤• आकांकà¥à¤·à¤¾à¤• सà¥à¤µà¤°â€
मिथिलेक नहि अपितॠà¤à¤¾à¤°à¤¤à¤• कतेको संसà¥à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ देखल जा सकैछ हिनक कथा-कवितामे। à¤à¤¹à¤¿à¤¸à¤ मैथिली कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रचनाक परिदृशà¥à¤¯ आर बà¥à¤¿ जाइछ, आ नव-नव चितà¥à¤°, धà¥à¤µà¤¨à¤¿ आ कथानक सामने आबि जाइत अछि ।
कवि कोन मनà¥à¤¦à¤¾à¤•िनी केर खोजमे छथि जे कहैत छथि-
“मनà¥à¤¦à¤¾à¤•िनी जे आकाश मधà¥à¤¯
देखल आइ पृथà¥à¤µà¥€à¤• ऊपर...â€
अपन विशाल à¤à¥à¤°à¤®à¤£à¤• छाप लगैछ रचनामे नीक जकाठपà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होइत अछि । आ आर à¤à¤•टा बात सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ अछि कोषकार गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤° आ रचनाकार गजेनà¥à¤¦à¥à¤° ठाकà¥à¤° à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छथि, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤®à¥‡ सेहो फराक... जतठकोशकारितामे समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤•तà¥à¤µ तथा टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‹à¤œà¥€ –सठसमà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤• छाया à¤à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤¤à¥‡ अछि, मà¥à¤¦à¤¾ सृजनक मà¥à¤¹à¥à¤°à¥à¤¤à¤®à¥‡ से सà¤à¤Ÿà¤¾ हेरा जाइत छथि ।
à¤à¤¹à¤¿à¤®à¥‡ सठकतेको टेकà¥à¤¸à¥à¤Ÿ ओ रखने छथि इनà¥à¤Ÿà¤°à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤®à¥‡ मैथिलीक बà¥à¥ˆà¤¤
पाठककेठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤®à¥‡ राखि, जेना कि विदेह-सदेह अछि http://videha123.wordpress.com/ मे, आ देवनागरी आ तिरहà¥à¤¤à¤¾ दà¥à¤¨à¥à¤¨à¥ लिपिमे । जे कà¥à¤¯à¥‹ मिथिलाकà¥à¤·à¤°à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ छथि तनिका सब लेखेठतठई विरल उपहारे रहत ।
अनेको रचनामे मातà¥à¤° गोल-मटोल कथे नहि, राजनीतिक à¤à¤¾à¤·à¥à¤¯ सेहो लखा दैत अछि। ताहिमे हिनका कोनो हिचकिचाहटि नहि छनà¥à¤¹à¤¿à¥¤ ओना देखल जाठतठकà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° क कतेको महारथी छलाह = पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वीर-योदà¥à¤§à¤¾ अपन-अपन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° आ विधाक पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ पारंगद वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छलाह,–कà¥à¤¯à¥‹ कतेको अकà¥à¤·à¥Œà¤¹à¤¿à¤£à¥€ सेनाक संचालनमे, तठकà¥à¤¯à¥‹ तीरनà¥à¤¦à¤¾à¤œà¥€à¤®à¥‡, आदि आदि । सठजनैत छलाह जे धरà¥à¤® आ अधरà¥à¤®à¤• à¤à¥‡à¤¦ की होइछ मà¥à¤¦à¤¾ तैयो सठकà¥à¤¯à¥‹ जेना आसनà¥à¤¨ विपरà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤• सामने निरà¥à¤ªà¤¾à¤¯ à¤à¤½ गेल छलाह। आजà¥à¤• सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤à¤®à¥‡ सेहो कथा मे तथा वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤®à¥‡ à¤à¤¹à¤¨ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤• à¤à¤²à¤• देखल जाइत अछि । सैह à¤à¤¹à¤¿ महा-पाठ–क (मेटाटेकà¥à¤¸à¤Ÿ) खूबी कहब। नहि तठओ कियेक लिखताह- –
“देखैत देशवासीकेठपछाड़ैत
मंतà¥à¤°-तंतà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ दà¥à¤ªà¤¹à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤®à¥‡ जागल
गà¥à¤¨à¤§à¥à¤¨à¥€ बला सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨
बनैत अछि सà¤à¤¸à¤ तीवà¥à¤° धावक
अखरहाक सà¤à¤¸à¤ फà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿à¤—र पहलमान
दमसाइत मालिकक सà¥à¤µà¤° तोड़ैत छैक ओकर à¤à¤•ानà¥à¤¤
कारिख चितà¥à¤°à¤¿à¤¤ रातिक निनà¥à¤¨
टà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¤-अबैत-टà¥à¤Ÿà¥ˆà¤¤ निनà¥à¤¨ आ सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨à¤• तारतमà¥à¤¯
...â€
à¤à¤¹à¤¿ महापाठकेठà¤à¤•टा à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ केर रूपमे देखी तठसेहो ठीक, आ सपà¥à¤¤à¤°à¥à¤·à¤¿-मंडलक निचोड़ अथवा सपà¥à¤¤-काणà¥à¤¡à¤®à¥‡ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• महा कावà¥à¤¯ रूपमे देखी तठसेहो ठीक हà¤à¤¤à¥¤ जेना पà¥à¥€, सामगà¥à¤°à¥€ à¤à¤¹à¤¿à¤®à¥‡ à¤à¤°à¤ªà¥‚र अछि, à¤à¤°à¤¿à¤¸à¤• किछॠअतà¥à¤¯à¥à¤šà¥à¤š मानक लागत, आ किछॠकिनको ततà¥à¤¤à¥‡à¤• नहि पसिनà¥à¤¨ पड़तनà¥à¤¹à¤¿ । मà¥à¤¦à¤¾ à¤à¤¹à¤¿ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ निचयकेठपाठक अवशà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤—त करताह, आ नवीन लेखक वरà¥à¤—केठà¤à¤•टा नव दिशा सेहो à¤à¥‡à¤Ÿà¤¤à¤¨à¥à¤¹à¤¿à¥¤
मैसूर, ९ जून २००९ उदय नारायण सिंह “नचिकेताâ€
निदेशक,
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, मैसूर


