NewNadhik Rajkumar Nivar Daivik [MAHAKITAB] 01: [Adrisya Duniya]
Book Details
Author(s)NeiLesH MaLi
Publisher[NRM] NewNadhik
ISBN / ASINB018VZQ810
ISBN-13978B018VZQ810
Sales Rank99,999,999
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description
नà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¾à¤§à¤¿à¤•...नौ अदिशà¥à¤¯ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤” मे से पà¥à¤°à¤¥à¤® जादà¥à¤ˆ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
जहा दैविक, सातà¥à¤µà¤¿à¤•, जीन और परीयो जैसी अनौखी शकà¥à¤¤à¤¿à¤”वाले
विचितà¥à¤° ज़ाती के लोग रहेते थे।
नà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¾à¤§à¤¿à¤• दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का राजकà¥à¤®à¤¾à¤° निवार दैविक दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤” के विनाश
को रोकने के चकà¥à¤•र मे सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ दैविकज़ाती से à¤à¤• साधारन
आदमज़ात लड़का बन ज़ाता है।
आरà¥à¤®à¤° पाशविक...à¤à¤• शैतान, जो à¤à¤• नही बल-की अनेक दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤”
पे राज़ करना चाहता है। अमर ओर सरà¥à¤µà¤¶à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ बनके सबको
अपनी गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ कि जनà¥à¤œà¥€à¤°à¥‹ मे जकड़ना चाहता है।
लेकिन उसके रासà¥à¤¤à¥‡ कि सबसे बड़ी रूकवत बनता है,
नà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¾à¤§à¤¿à¤• राजकà¥à¤®à¤¾à¤° निवार दैविक...
जहा दैविक, सातà¥à¤µà¤¿à¤•, जीन और परीयो जैसी अनौखी शकà¥à¤¤à¤¿à¤”वाले
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आदमज़ात लड़का बन ज़ाता है।
आरà¥à¤®à¤° पाशविक...à¤à¤• शैतान, जो à¤à¤• नही बल-की अनेक दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤”
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