फ़ैसले की रात  (Hindi Edition) Buy on Amazon

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फ़ैसले की रात (Hindi Edition)

Book Details

ISBN / ASINB07NC9HS5P
ISBN-13978B07NC9HS57
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Description

यह कहानी है एक औरत के संघर्ष की, उसके स्वाभिमान की| पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में स्त्री के प्रवेश की यह कहानी शुरू होती है एक छोटे से गाँव की गलियों से, जिनमें खेलती कूदती बच्चियों को पता ही नहीं, यह समाज किस तरह उनके पर कुतर रहा है| यह कहानी है एक औरत की, जिसके लिए प्रेम शब्द के कोई मायने ही नहीं रह गये|


' तरस गई थी प्रेम का वह स्पर्श पाने के लिए, जिसके कारण युवतियों के गालों की रंगत गहरा जाती है, होंठों का गुलाबीपन बढ़ जाता है, कमर की लोच में कोई नशा सा उतर आता है| छाती गर्म साँसों की तपन से उफन आती है| यौवन के ढलान पर फिसलती हुई वह किसी प्रेमी के आगोश में समा जाना चाहती थी, जो उसे बाहों में भर जहां तहां चूमता, उसे कामुकता के पहाड़ पर चढ़ाकर पटक देता तृप्ति की किसी खाई में, तान देता उसे इन्द्रधनुष की प्रत्यंचा पर और खींच कर भेद देता समाज की बेड़ियों को| सतरंगी सपने भर देता उसके सोये हुए अरमानों में, उसकी काली रातों को रंगीन कर देता , उसकी पलकों से लाज का बोझ गिरा देता, उसके आँचल को अपनी साँसों की गर्माहट सौंप देता| लेकिन उसके नसीब में प्यार कहाँ था? उसे तो बस दिन भर चूल्हे चौके में खटना था, रात होते ही बिछ जाना था बिस्तर पर मात्र पति की हवास पूरी करने के लिए, जिसमें लेश मात्र भी प्यार नहीं था| विमला को महसूस होता, वह एक कूडादान है जिसमें उसका पति गंदगी उड़ेलकर फारिग हो जाता है अपनी कामवासना से|'
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