यह अपनी तरह की अनूठी पुस्तक है, जो कि ‘समय प्रबंधन’ और ‘लक्ष्य निर्धारण’, दोनों के कौशल विस्तार से समझाती है। यह पुस्तक तीन प्रमुख अवधारणाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। पहली अवधारणा ‘नकारात्मकता’ से ‘सकारात्मकता’ की ओर बढ़ने के बारे में है, चाहे वह आपके विचार, कार्य, व्यवहार, भाषा या समय-उपयोग के पैटर्न आदि के स्तर पर हो। दूसरी अवधारणा अवचेतन मन की असीम शक्तियों को समझकर अपने सपनों के जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रभावी रूप से इसका इस्तेमाल करना है और तीसरी अवधारणा ‘कर्म सिद्धांत’ को समझने और इसके लाभों का दोहन अपने जीवन के उद्देश्य को प्राप्त करने के बारे में है। लेखक ने खुलासा किया है कि कैसे GOPTATM ‘लक्ष्योन्मुख सकारात्मक सोच एवं कार्य’ का उपयोग करके प्रतिदिन 3 उत्पादक घंटे प्राप्त कर सकते हैं (प्रतिवर्ष लगभग 1000 उत्पादक घंटे), जो आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने में इस्तेमाल कर सकते हैं।