सà¥à¤®à¤¤à¤¿ (Hindi Novel): Sumati (Hindi Novel)
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Book Details
Author(s)गà¥à¤°à¥ दतà¥à¤¤
PublisherBhartiya Sahitya Inc.
ISBN / ASINB00KC468R8
ISBN-13978B00KC468R2
Sales Rank336,329
MarketplaceUnited States 🇺🇸
Description ▲
बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ à¤à¤¸à¤¾ यंतà¥à¤° है जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ को उन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठमिला है, जिनमें पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ और अनà¥à¤à¤µ नहीं होता। परनà¥à¤¤à¥ सब यंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ की à¤à¤¾à¤à¤¤à¤¿ इसकी सफाई, इसको तेल देना तथा इसकी मरमà¥à¤®à¤¤ होती रहनी चाहिà¤à¥¤ सफाई के लिठतो यम और नियमों का विधान है और तेल देने तथा मरमà¥à¤®à¤¤ करने के लिठसतà¥à¤¸à¤‚गॠतथा सतà¥-साहितà¥à¤¯ सहायक होते हैं। इन दोनों को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने का माधà¥à¤¯à¤® शिकà¥à¤·à¤¾ है। माधà¥à¤¯à¤® सà¥à¤µà¤‚ कà¥à¤› नहीं करता। जैसे बिजली का तार तो कà¥à¤› नहीं, यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ यह महानॠशकà¥à¤¤à¤¿ के लिठमारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करता है। इसमें पॉज़िटिव विदà¥à¤¯à¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ à¤à¥€ हो सकता है और नेगेटिव का à¤à¥€à¥¤ दोनों शकà¥à¤¤à¤¿ के रूप में हैं। परनà¥à¤¤à¥ इससे जो मशीनें चलती हैं उनकी दिशा का निशà¥à¤šà¤¯ होता है। इसी पà¥à¤°à¤•ार शिकà¥à¤·à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से सतà¥à¤¸à¤‚ग और सतà¥-साहितà¥à¤¯ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हो सकता है और कà¥à¤¸à¤‚ग तथा कà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤à¥à¤¯ à¤à¥€à¥¤ सतà¥à¤¸à¤‚ग और सतà¥-साहितà¥à¤¯ से सà¥à¤®à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है और कà¥à¤¸à¤‚ग तथा कà¥à¤¤à¥à¤¸à¤¿à¤¤ साहितà¥à¤¯ से दà¥à¤°à¥à¤®à¤¤à¤¿à¥¤ इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• का यही विषय है। शिकà¥à¤·à¤¾ के माधà¥à¤¯à¤® से सतà¥à¤¸à¤‚ग तथा सतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤à¥à¤¯ कारà¥à¤¯ करते हैं। इससे सà¥à¤®à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। तब पà¥à¤°à¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥ सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ का सहायक हो जाता है।